प्रशासन–स्थानीय लोगों में नोकझोंक, 37.5 फीट पर बनी सहमति
टपूकड़ा नगर पालिका क्षेत्र में पेट्रोल पंप से रामस्वरूप एंड संस तक करीब 200 मीटर लंबे नाला निर्माण का रास्ता आखिरकार 10 साल बाद साफ हो गया। अतिक्रमण के कारण वर्षों से अटका यह काम बुधवार को उस समय शुरू हुआ, जब नगर पालिका प्रशासन पुलिस जाब्ते के साथ दो जेसीबी मशीनें लेकर मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
जैसे ही जेसीबी से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन और लोगों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। स्थानीय लोगों की मांग थी कि नाला सड़क के बीच से 36 फीट दूरी पर बनाया जाए, जबकि प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी गाइडलाइन का हवाला देते हुए 40 फीट दूरी पर नाला निर्माण प्रस्तावित बताया।
बहस के बाद 37.5 फीट पर बनी सहमति
करीब काफी देर तक चले विरोध और बहस के बाद आखिरकार प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच 37.5 फीट दूरी पर नाला निर्माण करने पर सहमति बनी। सहमति बनते ही प्रशासन ने जेसीबी से नाला खुदाई और अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया।
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि नाला निर्माण लंबे समय से लंबित था, जिससे क्षेत्र में जलभराव, गंदगी और आवागमन में परेशानी बनी हुई थी। नाला बनने से बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।
चेयरमेन प्रतिनिधि और तहसीलदार में तीखी नोंकझोंक
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर उस समय माहौल और गर्म हो गया, जब नगर पालिका चेयरमेन प्रतिनिधि जीतू गर्ग और तहसीलदार शैतान सिंह के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई।
चेयरमेन प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि पीछे की ओर नाला पहले से ही 36 फीट दूरी पर बना हुआ है, ऐसे में आगे भी उसी मानक पर निर्माण होना चाहिए था, लेकिन तहसीलदार 40 फीट पर अड़े रहे।
काफी विवाद के बाद 37.5 फीट पर सहमति बनी और अतिक्रमणकारियों को निर्देश दिए गए कि वे इस सीमा तक स्वयं अपना सामान और संरचनाएं हटा लें।
जेसीबी से दुकान-शटर तोड़ने का आरोप
चेयरमेन प्रतिनिधि जीतू गर्ग ने आरोप लगाया कि वे खुद अपना सामान हटा रहे थे, इसके बावजूद तहसीलदार के निर्देश पर जबरन जेसीबी चलाकर दुकान और शटर तोड़ दिए गए, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और नगर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
नाला निर्माण शुरू होने से क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कार्रवाई को लेकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव भी खुलकर सामने आया।
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