
किशनगढ़बास। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खैरथल-तिजारा के निर्देशानुसार नालसा (नशीली दवाओं के प्रति जागरूकता और स्वास्थ्य मार्गदर्शन) योजना, 2025 के तहत किशनगढ़बास में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने विद्यार्थियों एवं आमजन को नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी, नशे के दुष्प्रभावों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देशानुसार तथा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी के निर्देशन में आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। नशे की लत से निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होने के साथ आर्थिक एवं पारिवारिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की।शिविर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी से संबंधित कानूनी परिणामों की जानकारी देने के साथ नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों के लिए परामर्श, उपचार और नशामुक्ति सेवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को उपेक्षित करने के बजाय उचित मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम में नशे की रोकथाम के लिए जनभागीदारी, कानूनी जागरूकता और स्वास्थ्य मार्गदर्शन के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही आमजन से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने तथा नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।
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